सफल कहानिया

ग्राम पंचायत की सफल कहानिया

1 पेयजल:    ग्राम पंचायत मे पेयजल के क्षेत्र मे ग्राम पंचायत दवारा,T.F.Cएंव SGRY योजना अन्तर्गत ग्राम अदकालिया मे पेयजल पाईप लाईन एंव टंकी निर्माण का कार्य करवाया गया !

वर्ष 1999-2000 मे सम्पुर्ण राजस्थान मे अकाल पडा था उसमे झाडोल क्षेत्र भी अकालग्रस्त था तब ग्राम अदकालिया मे पेयजल की गंभीर समस्या थी हेण्डपम्प सुख कर जवाब दे चुके थे तभी नव निर्वाचित सरपंच 

रुपलाल जी वाहिया एंव उपप्रधान  रामलाल गाडरी जी गांव मे आए थे उन्हे समस्या से अवगत कराया तो उन्होने सरकरी मदद से राशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया एंव तात्कालिन सांसद महोदय श्रीमान भेरुलाल जी मीणा की अनुशषा से टंकी निर्माण हेतु 1.00लाख की राशि स्वीकृत करवाई गई परन्तु जब कार्य करवाने हेतुT.S तखमीना बनाया गया तो लागत 2.00 लाख आई !ऐसी समस्या आने पर जिला परिषद से सम्पर्क किया तो उन्होने MPLAD मद मे अन्य राशि डोटवेल करने से मना कर दिया तब फिर उपप्रधान महोदय से सम्पर्क किया तो उन्होनेMPLAD कार्य को तो निरस्त करवा एंव SGRy30% पस मद राशि मे से 2.00 की स्वीकृत जारी करवाई इस प्रकारसे लगभग एक साल बाद कार्य प्रारभ्म हो पाया तब मावली क्षेत्र से विशेष कारीगर मिस्त्री बुलाकर इसका निर्माण करवाया गया जिस पर 2.00 लाख की लागत राशि आई! उसके साथ ग्रामवासियो दवारा जन सहयोग से टयुबवेल खोदा गया जिस पर करीब 0.30.लाख राशि व्यय हुई टयुब वेल मे पर्याप्त पानी से घर-2सप्लाई का निर्णय लिया गया !

तब T.F.C. योजना मद से पाईप लाईन गांव मे डाली गई जिसकी लागत 0.78 लाख आई एंव स्वीकृत 1.00 लाख मजदुरी की गई थी इस प्रकार से सम्पर्ण अदकालियावासियाको आज भी स्वच्छ पेयजल इसी मेहनत के कारणउपलब्ध हो रहा है!

              2:श्रमदान से बनाई स‍डक  

ग्राम पंचायत के तीन गावो में आजादी के बाद सन २००१ तक कभी भी बस नही पहुची यह बात ग्राम वसियो को बड़ी खलती थी की आज़ादी के ५३ वर्ष बाद भी बस सुवीधा से हम महरूम है तब तत्कालींन सरपंच श्री वाहिया को आपनी पीड़ा बताई एवं स्वय भी इस बात से परेशान थे उन्हे पंचायत मुख्यालय आने के लीए १० किलोंमीटर चलना पड़ता है !बरसात एंव रात्रि मे तथा बीमार के लिए ओर समस्या विकट हो जाती थी तब स्वमं सरपंच रुपलाल एंव वार्डपंच कन्हैयालालालभेरुलाल कैलाश लाल,लिम्बडी देवी ने घर घर सम्पर्क कर ग्रामवासियो के श्रमदान हेतु प्रेरित किया !        तथागोगुन्दा क्षेत्र जोलावास गांव के नरेन्द सिंह राणावत को JCB मशीन से सहयोग हेतु कहा तो वे सहर्ष तेयार हो गए ! तब करीब 3माह के श्रमदान एंव करीब 100 घंटे JCB चलने के बाद अदकालिया से खरडिया ,नला बडा तक मार्ग ठीक हुआ एंव बस चलने की स्थिति मे रोड बनी परन्तु कच्चे मार्ग पर कोई भी बस मालिक बस चलाने को तैयार नही हुआ तो सरपंच महोदय ने अन्यगांव के बस मालिक प्रतापसिंह राणावत जो की कंन्थारिया पुर्व सरपंच शंकरसिंहजी के भतीजे को तेयार किया वे बस RJ 27 GA975 लेकर पहली बार 12 दिसम्बर 2002 को नला बडागांव बस लेकर पहुचें थे ग्रामवासियो ने जोरदार बस मालिक सरपंच वार्डपंच JGB मालिक का स्वागत किया ! आमजन ग्रामवासियो के चेहरे खुशी से झलक उठे तो वही बुजुर्ग की आखो मे खुशी के आसु आ गए कि उनके देखने गांव मे पहली बार बस पहुंची! इस तरह जनपृतिनिधियो ने अपनी मेहनत इचछाशक्ति मनोबल से कार्य का परिणाम अनुभव किया 

मोक्षधाम का सुन्दर विकास:-        

ग्राम अदकालिया मे करीब 150 परिवारो की बस्ती है जिससे पटेल,लोहार समुदाय के लोग रहते है यहा पर शमशान घाट बस स्टेण्ड के पास तालाब के किनारे बना हुआ है कहने को शमशान घाट की पर्याप्त भुमि है परन्तु उस पर कुछ लोगो ने अतिकमण कर रखा था एंव बारिश के दिनो मे तालाब मे पानी एंव बारिश होने से दाह सस्कार मे बहुत दिक्कत होती थी तब ग्रामवासियो की मांग पर ग्रामसभा ने राज्य वित आयोग मद से 1.00 लाख कि राशि स्वीकृत की स्वीकृति दी !

उपरान्त कार्य प्रारम्भ कर पुर्ण करवा दिया गया तब लागत 0.75 लाख आई उसके बाद दाह सस्कार मे परेशानी नही होती थी !

परन्तु धीरे-2 अतिकयियो दवारा अतिकमण करते-2 पुरे शमशान घाट की भुमि पर कब्जा जमा लिया ! हालात तब बिगड गये जब वर्ष 2010 मे अत्यधिक बारिश के कारण तालाब लबालब हो गया है एंव कई दिनो की रिमझिम बरसात से गांव मे किचड इत्यादि होने से शमशान घाट की तरफ सारा दलदल इक्कठा हो गया उसी समय गाव मे पटेल समाज मे दो लोगो की मोत हो गइ तब बहुत परेशानी के बाद दागिये घुटने-2 तक किचड एंव गोबर तथा काटो मे होते हुए शमशान घाट जहा मात्र स300 वर्गफीट जगह थी पहुचे तब बडी मुशिकल से दागियो दुर रहे 5-7 जनो से दाह सस्कार कराया उसमे वर्तमान सरपंच रुपलाल जी थे उन्हे इस बात का बहुत दुख हुआ तो विकास अधिकरी जी सेसम्पर्क किया तो उन्होने शमशान घाट चारदी वारी निर्माण की बात जनसहभागिता योजना से करने की जानकारी दी  !यह बात ग्रामीणो को बताइ तो उन्होने चर्चा कर इसके लिए हा भी भर दी जिस पर 50.000.जनसहयोग एकत्रितकर 4.50लाख राज्य सरकार दवारा कुल 5.00लाख की स्वीकृति जारी कि गई जिसमे चारदीदारी एंव साइड नाला कर भराव भी भरा जिसमे 300वर्गफिट शमशान से करीब 10.000 वर्गफीट भुमि निकाली एंव अतिकमण मुक्त कर वृक्षरोपण  किया गया!

 

                                                                                               

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